Gold Rate in Diwali 2026: दिवाली तक कितना महंगा या सस्ता हो सकता है सोना? जानिए एक्सपर्ट्स का अनुमान

Gold Rate in Diwali 2026: भारत में दिवाली के साथ सोने की खरीदारी का सीधा संबंध रहा है और हर साल धनतेरस तथा दिवाली के आसपास सोने की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में इस साल सबसे बड़ा सवाल यही है कि Diwali 2026 पर Gold Rate कितना रह सकता है? क्या दिवाली तक सोने का भाव फिर से तेजी पकड़कर नई ऊंचाई की ओर जाएगा या सितंबर की गिरावट के बाद कीमतें कुछ और नीचे आ सकती हैं?

MCX पर गोल्ड का भाव करीब ₹1,47,724 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। सितंबर में सोने में लगभग 6.5% की तेज गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन अक्टूबर की शुरुआत में कीमतों में फिर से रिकवरी के संकेत नजर आए हैं।

Diwali 2026 पर कब है दिवाली और धनतेरस?

साल 2026 में धनतेरस 6 नवंबर को और दिवाली 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। यानी बाजार के पास दिवाली से पहले करीब एक महीने का समय है, जिसमें घरेलू मांग, अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत, डॉलर, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण सोने की कीमत में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

धनतेरस को भारत में सोना और अन्य कीमती धातुएं खरीदने का प्रमुख अवसर माना जाता है। इसलिए दिवाली 2026 के दौरान सोने की मांग बाजार की कीमतों के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर रह सकती है।

अभी Gold Rate in India कितना है?

MCX के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गोल्ड का भाव लगभग ₹1.477 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। इसी समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब $4,158 प्रति औंस के स्तर पर था।

हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि MCX का भाव और स्थानीय सर्राफा बाजार में 22 कैरेट या 24 कैरेट सोने का खुदरा भाव अलग हो सकता है। स्थानीय कीमत पर GST, मेकिंग चार्ज, स्थानीय प्रीमियम और अन्य लागतों का असर पड़ सकता है।

सितंबर में सोने में क्यों आई बड़ी गिरावट?

सितंबर 2026 सोने के लिए काफी कमजोर महीना रहा। उपलब्ध बाजार रिपोर्ट के अनुसार सितंबर में सोने की कीमत में करीब 6.5% की गिरावट आई। इसकी बड़ी वजह अमेरिका में Treasury yields का बढ़ना और ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की उम्मीद रही।

जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों की उम्मीद बढ़ती है तो बिना ब्याज देने वाले सोने की आकर्षण क्षमता पर दबाव पड़ सकता है। इसी वजह से सितंबर में सोने पर बिकवाली का दबाव बढ़ा।

हालांकि अक्टूबर की शुरुआत में तस्वीर कुछ बदली है। अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़ों के बाद अक्टूबर में Fed की संभावित rate hike को लेकर बाजार की उम्मीद कम हुई, जिससे सोने को कुछ सपोर्ट मिला। 5 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब $4,158 प्रति औंस तक पहुंचा।

क्या दिवाली तक सोने में फिर आएगी तेजी?

यह सवाल इस समय भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा में है। इसका सीधा जवाब यह है कि दिवाली तक सोने में तेजी की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन इसके साथ काफी volatility भी देखने को मिल सकती है।

भारत में दिवाली और शादी का सीजन सोने की मांग को सपोर्ट कर सकता है। World Gold Council के अनुसार भारत में ऊंची कीमतों के बावजूद wedding-related buying अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है और festive तथा wedding season आगे बढ़ने के साथ demand में सुधार की उम्मीद है। हालांकि बहुत ऊंची कीमतें jewellery की मात्रा यानी volume को सीमित कर सकती हैं।

इसका मतलब यह है कि लोग सोना खरीदना जारी रख सकते हैं, लेकिन पहले की तुलना में कम मात्रा में खरीदारी कर सकते हैं।

Gold Rate in Diwali 2026: ₹1.50 लाख के ऊपर जाएगा सोना?

दिवाली 2026 के लिए अभी कोई एक निश्चित कीमत बताना संभव नहीं है। बाजार में अलग-अलग अनुमान मौजूद हैं और कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा तथा रुपये की चाल पर काफी निर्भर करेंगी।

हालिया बाजार विश्लेषण में MCX Gold के लिए ₹1.47 लाख के आसपास का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट माना गया है, जबकि ₹1.55 लाख के आसपास का स्तर अगला महत्वपूर्ण upside zone बन सकता है। 1 अक्टूबर को प्रकाशित बाजार विश्लेषण में भी ₹1.47 लाख के आसपास सपोर्ट मिलने के बाद गोल्ड में buying interest लौटने और ₹1.55 लाख के स्तर को संभावित upside level बताया गया था।

इस आधार पर अगर आने वाले सप्ताहों में गोल्ड ₹1.47 लाख के ऊपर टिकता है और ₹1.55 लाख के आसपास का resistance decisively पार करता है, तो दिवाली के आसपास ऊंचे स्तर देखने की संभावना बढ़ सकती है।

दूसरी तरफ अगर अमेरिकी Treasury yields और डॉलर में मजबूती जारी रहती है और Fed का रुख ज्यादा hawkish होता है, तो सोने पर फिर दबाव आ सकता है।

Goldman Sachs का Gold Price Forecast क्या कहता है?

Gold के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी bullish अनुमान मौजूद हैं। Goldman Sachs Research ने अगस्त 2026 में साल के अंत तक सोने के लिए $4,900 प्रति औंस का अनुमान दिया था। इसके पीछे केंद्रीय बैंकों की खरीद और रिजर्व diversification को प्रमुख कारणों में शामिल किया गया था।

हालांकि दूसरी तरफ जुलाई में Reuters के सर्वे में analysts ने 2026 के औसत gold price forecast को घटाकर करीब $4,509 प्रति औंस किया था। इससे साफ है कि बाजार में अभी भी कीमत को लेकर काफी uncertainty बनी हुई है।

इसलिए दिवाली के लिए किसी एक निश्चित target को guaranteed price मानना सही नहीं होगा।

भारत में दिवाली के दौरान Gold Demand कैसी रह सकती है?

भारत में सोने की कीमतें पहले ही काफी ऊंचे स्तर पर हैं। World Gold Council के अनुसार 2026 की दूसरी तिमाही में भारत की gold demand 131 टन रही, जो सालाना आधार पर 6% कम थी। हालांकि सोने पर कुल खर्च करीब 50% बढ़कर रिकॉर्ड ₹1,979 अरब पहुंच गया, क्योंकि कीमतें काफी ऊंची थीं।

आने वाले festive और wedding season में demand को seasonal support मिल सकता है। लेकिन ऊंची कीमतें ग्राहकों को छोटी jewellery, coins या investment products की तरफ भी ले जा सकती हैं।

यानी दिवाली 2026 में सोने की मांग मजबूत रह सकती है, लेकिन ग्राहक कीमत को देखकर खरीदारी का फैसला अधिक सावधानी से कर सकते हैं।

Gold Rate in Diwali 2026: तेजी के पीछे कौन-कौन से कारण हो सकते हैं?

दिवाली तक सोने में तेजी आने की स्थिति में कुछ प्रमुख factors महत्वपूर्ण होंगे:

1. अमेरिकी ब्याज दरें:
अगर Fed का रुख नरम होता है और rate hike की उम्मीद घटती है, तो gold को support मिल सकता है।

2. डॉलर इंडेक्स:
कमजोर डॉलर आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय gold prices के लिए सकारात्मक माना जाता है।

3. Geopolitical tensions:
दुनिया में तनाव बढ़ने पर safe-haven demand के कारण सोने में खरीदारी बढ़ सकती है।

4. Central Bank Buying:
केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी gold prices के लिए लंबे समय का महत्वपूर्ण support factor बनी हुई है।

5. भारतीय festive demand:
Dhanteras, Diwali और wedding season में physical gold demand बढ़ने से घरेलू बाजार को support मिल सकता है।

किन कारणों से दिवाली तक सोना सस्ता हो सकता है?

दूसरी तरफ कुछ factors सोने की कीमत को नीचे भी खींच सकते हैं।

अगर अमेरिका में inflation ज्यादा रहता है, Treasury yields ऊंची रहती हैं और Federal Reserve ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखता है, तो gold पर दबाव बढ़ सकता है।

इसके अलावा डॉलर में मजबूती और geopolitical tensions में कमी भी safe-haven demand को कम कर सकती है।

सितंबर की गिरावट इसका उदाहरण है, जब बढ़ती US Treasury yields और rate-hike expectations के कारण अंतरराष्ट्रीय gold price में तेज गिरावट देखने को मिली।

क्या दिवाली 2026 से पहले सोना खरीदना चाहिए?

सोना खरीदने वालों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि पूरी खरीदारी एक ही दिन या एक ही price पर करने के बजाय अपनी जरूरत और बजट के अनुसार चरणबद्ध खरीदारी पर विचार किया जा सकता है।

अगर खरीदारी jewellery के लिए है तो केवल gold rate ही नहीं, बल्कि making charges, wastage, GST और jewellery की purity भी जरूर देखें।

वहीं investment के लिए खरीदारी करने वाले लोगों के लिए jewellery और investment gold में अंतर समझना जरूरी है। Jewellery में making charges और अन्य लागतें होती हैं, जबकि investment के लिए Gold ETF, digital gold या अन्य regulated investment products अलग विकल्प हो सकते हैं।

निष्कर्ष: Gold Rate in Diwali 2026 का क्या अनुमान है?

कुल मिलाकर Gold Rate in Diwali 2026 को लेकर बाजार में इस समय mixed लेकिन महत्वपूर्ण संकेत हैं। सितंबर की बड़ी गिरावट के बाद अक्टूबर की शुरुआत में gold ने recovery के संकेत दिए हैं। भारत में आने वाला festive और wedding season demand को support कर सकता है, जबकि central bank buying भी लंबे समय में सकारात्मक factor बनी हुई है।

फिलहाल ₹1.47 लाख के आसपास का स्तर MCX Gold के लिए महत्वपूर्ण support zone माना जा सकता है, जबकि ₹1.55 लाख के आसपास का क्षेत्र अगला महत्वपूर्ण upside zone है। अगर कीमतें इस resistance के ऊपर मजबूती से टिकती हैं तो दिवाली के आसपास higher levels की संभावना बढ़ सकती है। वहीं support टूटने पर correction का जोखिम बना रहेगा।

इसलिए दिवाली 2026 के लिए सबसे उचित निष्कर्ष यह है कि सोने की कीमत में तेजी की संभावना मौजूद है, लेकिन ₹1.50 लाख, ₹1.60 लाख या उससे ऊपर का कोई भी स्तर निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। आने वाले हफ्तों में Fed policy, US dollar, Treasury yields, geopolitical developments और भारत की festive demand gold की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

नोट: सोने के भाव लगातार बदलते रहते हैं। ऊपर दिए गए आंकड़े उपलब्ध बाजार रिपोर्ट और 5 अक्टूबर 2026 के बाजार डेटा पर आधारित हैं। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है, इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।